पुतिन के भारत दौरे से पहले दिल्ली किले में तब्दील, सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर; विपक्ष ने उठाए सवाल, विशेषज्ञों ने बताया दौरे का महत्व

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 2 दिसंबर

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले दिल्ली इस समय एक अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा बन चुकी है। राजधानी के प्रमुख इलाकों, होटलों, सरकारी इमारतों और वीआईपी रूट्स पर मल्टी-लेयर सुरक्षा तैनात है। पुतिन की सुरक्षा दुनिया की सबसे उन्नत और उच्चस्तरीय सुरक्षा प्रणालियों में गिनी जाती है और भारत ने भी इसी स्तर पर तैयारियां की हैं। भारत-रूस संबंधों के लिहाज़ से अहम माने जा रहे इस दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहतीं।दिल्ली में रूसी सुरक्षा टीम की दबदबे वाली सक्रियता

रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन टीम कई दिन पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी है। यह टीम अपने सटीक और चुपचाप काम करने के तरीके के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक—रूसी टीम मिनट-टू-मिनट की मूवमेंट तय करती है। कौन-सा कमरा सुरक्षित है, कौन-सी लिफ्ट चलेगी, किस एक्सिट का इस्तेमाल होगा,

कौन व्यक्ति कितनी दूरी तक पहुंच सकता है—हर चीज़ का माइक्रो-लेवल पर ऑडिट किया जा चुका है।टीम बिना किसी प्रचार या शोर-शराबे के दिल्ली के प्रमुख होटलों, एयरपोर्ट और कार्यक्रम स्थलों की पूरी रेक्की कर चुकी है।जहां पुतिन, वहां चलती है मोबाइल लैब और पोर्टेबल टॉयलेट पुतिन की सुरक्षा का एक अत्यंत विशेष पहलू दुनिया भर में चर्चा में रहता है—उनके साथ चलने वाली मोबाइल केमिकल लैब और पोर्टेबल टॉयलेट।

विशेष मोबाइल लैब यह लैब उनके भोजन और पानी की रियल-टाइम जांच करती है। पुतिन को परोसा जाने वाला हर व्यंजन रूस से विशेष रूप से तैयार होकर आता है और कई स्तरों की टेस्टिंग के बाद ही उन्हें दिया जाता है।

निजी पोर्टेबल टॉयलेटइस पोर्टेबल टॉयलेट का मकसद है—पुतिन की स्वास्थ्य जानकारी और शरीर संबंधी किसी भी संवेदनशील डेटा की सुरक्षा।यह होटल, कार और किसी भी यात्रा स्थल पर उनके साथ ही मौजूद रहता है।दिल्ली में सुरक्षा का महाअभियान: स्नाइपर्स, एंटी-ड्रोन सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग

राजधानी पूरी तरह हाई सिक्योरिटी ज़ोन घोषितदिल्ली पुलिस, SPG, IB, RAW और रूसी सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम राजधानी में लगातार निगरानी कर रही है।

प्रमुख सुरक्षा उपाय:शहर के संवेदनशील इलाकों में स्नाइपर्स की तैनाती 360° डिजिटल मॉनिटरिंग हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और फेस रिकॉग्निशन तकनीक‌ एंटी-ड्रोन सिस्टम की सक्रियता कम्युनिकेशन नेटवर्क पर तकनीकी टीमों की कड़ी निगरानी

दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में पुतिन के लिए 24×7 विशेष मॉनिटरिंग डेस्क बनाई गई है।ट्रैफिक प्लान: आम लोगों को कम परेशानी होगी, पर सुरक्षा सर्वोपरि वीआईपी मूवमेंट के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में अस्थायी डायवर्जन रहेंगे।

पुलिस ने दावा किया है कि—सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी, लेकिन आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा देने की कोशिश होगी।”रूसी राष्ट्रपति के पूरे रूट पर रीयल-टाइम सर्विलांस लगाया गया है।विपक्ष ने उठाए सवाल: “क्या यह सुरक्षा या राजनीतिक संदेश?”

कांग्रेस, AAP और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

AAP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा—दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार राजधानी को पूरी तरह स्थगित कर देने की तरह सुरक्षा दे रही है।

क्या यह सामान्य प्रोटोकॉल है या सरकार राजनीतिक संदेश देना चाहती है?”कांग्रेस नेता ने इस दौरे को चुनावी वर्ष के संदर्भ में जोड़ते हुए कहा—दौरा स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार इसे घरेलू राजनीति में अपनी छवि सुधारने के लिए बड़ा हथियार बना रही है।”हालांकि भाजपा ने इसे “राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और कूटनीतिक मजबूती का प्रतीक” बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय: भारत-रूस रणनीति में बड़ा मोड़वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक डॉ. अनिरुद्ध तिवारी के मुताबिक—पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब रूस पश्चिमी देशों से तनाव में है और भारत वैश्विक शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दौरा भू-रणनीतिक संकेत भेजता है कि भारत-रूस साझेदारी अब भी मजबूती से कायम है।विशेषज्ञ मानते हैं कि रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार पर महत्वपूर्ण नई सहमतियाँ बनने की संभावना है।

दूसरी तरफ, भू-राजनीतिक विश्लेषक सिमा घोष कहती हैं—भारत यह संदेश दे रहा है कि वह न तो अमेरिकी धुरी में पूरी तरह शामिल होने वाला है और न रूस से दूरी बनाना चाहता है। यह यात्रा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की पुनर्पुष्टि है।”

निष्कर्ष:

दौरा अहम, सुरक्षा अभेद्य, और राजनीतिक तापमान ऊंचापुतिन का भारत दौरा न केवल राजनयिक तौर पर महत्वपूर्ण है बल्कि सुरक्षा और राजनीतिक दोनों पहलुओं से बेहद संवेदनशील भी है।जहां सुरक्षा एजेंसियाँ इसे ‘जीरो एरर प्रोटोकॉल’ के तहत संचालित कर रही हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक निहितार्थों से जोड़ रहा है।आने वाले दो दिन दिल्ली की सुरक्षा सबसे कड़े ढांचे में होगी—और भारत-रूस संबंधों में नई दिशा की घोषणा भी इन्हीं पलों में तय होगी।

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